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सूर्य ग्रहण के कुछ उपयोगी मंत्र

26 मार्च 2017 को आंशिक सूर्य ग्रहण है। यह नई दिल्ली और भारत के बहुत से शहरों में नहीं देखा जायेगा। सूर्य ग्रहण शायं 17ः40 मिनट पर शुरू होकर रात 22ः01 बजे खत्म होगा, क्योंकि सूर्य ग्रहण भारत में नहीं देखा जायेगा इसलिये सूतक नहीं लगेगा।

परन्तु सूर्यग्रहण एक ग्रहण ही है इसलिये ग्रहण के समय कुछ बातो का ध्यान रखना चाहिए। हमे धार्मिक आयोजन, देव पूजन, मंत्र आदि जाप करने से प्रभू की कृपा पा सकते है और बहुत सारी परेशानियों से बच सकते हैं।

             ग्रहण के वक्त दान करने से घर में समृद्धि आती है।

             अगर संभव हो तो पके हुए भोजन को ग्रहण के वक्त ढ़क कर रखें और उसमें तुलसी का पŸा डालें।

             ग्रहण के वक्त किसी भी मंत्र का जाप एवं अपने इष्ट देव की पूजा करना लाभकारी होता है।

             घर में ग्रहण के समय में गाय के घी का दिया जलाना चाहिये।

             गरीबों को दान दें।

             बन्दर या लंगूर को फल तथा गुढ़ खिलाये।

             ग्रहण के बाद दूध से भगवान शिव का अभिषेक करें।

             गरीबों में कम्बल बॉटें

             ग्रहण के समय किस मंत्र का जाप करें।

             अपनी राशि के अनुसार मंत्र जाप करने से अच्छा फल मिलता है।

             सिंह कुंभ राशि एवम मकर के जातकों को वैदिक गायत्री मंत्र का 108 बार जाप करें।

             ॐ भूर्भुवः स्वः

             तत्सवितुर्वरेण्यं

             भर्गो देवस्यः धीमहि

             धियो यो नः प्रचोदयात्

             कन्या और मिथुन राशि वाले जातको को सूर्या मंत्र या विष्णु मंत्र का जाप करना चाहिये।

     ष्ऊँ नमो नारायणायष्

             तुला राशि एवम कर्क वाले व्यक्तियों को शिव मंत्र अथवा गणपति अर्थात मंत्र का पाठ करें।

             नागेंद्रहाराय त्रिलोचनाय भस्मांग रागाय महेश्वराय

नित्याय शुद्धाय दिगंबराय तस्मे न काराय नमरू शिवायरू॥

मंदाकिनी सलिल चंदन चर्चिताय नंदीश्वर प्रमथनाथ महेश्वराय

मंदारपुष्प बहुपुष्प सुपूजिताय तस्मे म काराय नमरू शिवायरू॥

ऽ              शिवाय गौरी वदनाब्जवृंद सूर्याय दक्षाध्वरनाशकाय

श्री नीलकंठाय वृषभद्धजाय तस्मै शि काराय नमरू शिवायरू॥

ऽ              अवन्तिकायां विहितावतारं मुक्तिप्रदानाय च सज्जनानाम्।

अकालमृत्योरू परिरक्षणार्थं वन्दे महाकालमहासुरेशम्।।

ण्            मेष एवम तृष्चिक राशि वाले जातको को हनुमान चालीसा अथवा सन्दरकांड का जाप करना चाहिये।

ऽ              श्री गुरु चरण सरोज रजए निज मन मुकुर सुधार द्य

बरनौ रघुवर बिमल जसु ए जो दायक फल चारि द्य

ऽ              बुद्धिहीन तनु जानि के ए सुमिरौ पवन कुमार द्य

बल बुद्धि विद्या देहु मोहि हरहु कलेश विकार

 

                मीन एवम धनु राशि वाले जातकों को गणपति वन्दना या गंणपति मंत्र जाप करना चाहिये।

                ऊँ एकदन्ताय विहे वक्रतुण्डाय धीमहि तन्नो दन्तिः प्रचोदयात्।

 

ल्ेखिका

निशा घई

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